दालचीनी और अर्जुन का काढ़ा: हृदय के लिए पारंपरिक नुस्खा
दालचीनी या अर्जुन की छाल से बना पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा, जो हृदय के लिए सदियों से लिया जाता रहा है - नुस्खा क्या है, और प्रमाण क्या कहते हैं।
11 जुलाई 2025 · 2 मिनट पढ़ेंपारंपरिक आयुर्वेदिक नुस्खा
आपको क्या-क्या चीजें चाहिए
- अर्जुन की छाल
- दालचीनी या अर्जुन का पाउडर
- अदरक
- हल्दी का टुकड़ा
- थोड़े तुलसी के पत्ते
कैसे तैयार करें नुस्खा
आप अर्जुन की छाल, दालचीनी या अर्जुन पाउडर के साथ सभी चीजों को एक ओखली में डालकर अच्छी तरह कूट लें।
एक बर्तन में पानी डालकर गर्म करें और इन चीजों को उसमें अच्छी तरह पकाकर काढ़ा तैयार कर लें।
कैसे करें काढ़ा का सेवन
जड़ी-बूटियों से तैयार यह काढ़ा हृदय के लिए सदियों से लिया जाता रहा है — रोज़ का एक गरम पेय, किसी निदान की गई स्थिति की चिकित्सा नहीं। कोलेस्ट्रॉल नापकर देखा जाता है, और जहाँ उसका इलाज चल रहा हो, उसे बदलना उसी वैद्य या चिकित्सक का काम है जिसने वह तय किया। इस काढ़े को आप सुबह-शाम दिन में दो बार पी सकते हैं।
चाय की बजाय काढ़ा पिएं
एशिया में हार्ट की बीमारी जेनेटेक्ली बहुत ज्यादा है और आप भी उनमें से हैं, तो आपको सुबह की चाय छोड़ देनी चाहिए।
चाय के बजाय अगर आप इस आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन करेंगे तो आप दिल को स्वस्थ रख सकते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम कर सकते हैं।
बीपी भी होगा कंट्रोल
पूरी दुनिया में कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए जो दवाएं खाई जा रही हैं वो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ-साथ शरीर को कई नुकसान दे रही हैं।
इस काढ़े के सेवन से आपका बीपी भी कंट्रोल हो सकता है।
अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए क्या खाएं
आपको अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए बादाम, अखरोट, मुनक्का, अंजीर और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स और नट्स खाने चाहिए।
