गले की खराश के लिए मुलेठी
छिले हुए गले के लिए मुलेठी की चाय — बनाने का तरीक़ा, और दो हफ़्ते की वो हद जिसका ज़िक्र अक्सर छूट जाता है।
8 अगस्त 2026 · 3 मिनट पढ़ें🍵 गले पर परत चढ़ाने वाली मीठी जड़
मुलेठी शक्कर से भी मीठी होती है, लेकिन मिठास इसकी असल बात नहीं है। खांसते-खांसते गला छिल जाए तो यही जड़ उस पर एक हल्की परत सी बना देती है। और इसके साथ एक शर्त भी आती है, जो बाकी घरेलू नुस्खों में कम ही मिलती है।
🌱 क्या-क्या पड़ता है, और क्यों
- मुलेठी: इसका लुआब ही गले पर परत बनाता है।
- तुलसी: चार-पाँच पत्ते, खुशबू और मौसमी राहत के लिए।
- शहद: वैकल्पिक, और ज़रूरत भी कम पड़ती है, जड़ अपने आप मीठी है।
🌿 सामग्री
- 1 कप पानी
- 1 इंच सूखी मुलेठी की जड़, या आधा चम्मच मुलेठी पाउडर
- 4–5 तुलसी के पत्ते
- शहद, स्वादानुसार (वैकल्पिक)
🥄 बनाने की विधि
- मुलेठी को पानी में 5–7 मिनट उबालें, जब तक रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
- आँच बंद कर तुलसी के पत्ते डालें और 2–3 मिनट ढककर रखें।
- छानकर धीरे-धीरे घूँट भरें, एक साँस में पी जाने से बात नहीं बनती।
- गुनगुना होने पर ही शहद मिलाएँ, अगर मिलाना ही हो।
🍵 मात्रा
- बड़े: दिन में एक कप, लगातार दो हफ़्ते से ज़्यादा नहीं।
- 5 साल से बड़े बच्चे: कभी-कभार आधा कप, रोज़ की आदत कभी नहीं।
🕒 कब पिएँ
- जब गला बंद नहीं, बल्कि छिला और खुरदरा महसूस हो।
- देर तक सूखी खांसी चलने के बाद, जब गला रगड़ खा गया हो।
⏳ दो हफ़्ते, उसके बाद बंद
घरेलू नुस्खों में मुलेठी उन गिनी-चुनी चीज़ों में है जिनके इस्तेमाल की एक तय हद बताई गई है। इसे मीठा बनाने वाला तत्व ग्लिसराइज़िन शरीर में सोडियम रोक लेता है और पोटैशियम बाहर निकाल देता है। हफ़्तों तक रोज़ लेने पर इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, और पोटैशियम का घटना अपने आप में अलग दिक्कतें खड़ी करता है। असर मात्रा और अवधि दोनों पर निर्भर करता है, इसीलिए इसे दो हफ़्ते के छोटे कोर्स की तरह लेने की सलाह दी जाती है, रोज़ की आदत की तरह नहीं। जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, दिल या गुर्दे की बीमारी हो, जो पेशाब बढ़ाने वाली दवा ले रहे हों, या जो गर्भवती हों, उन्हें यह बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए।
✅ यह क्या कर सकता है
- लगातार खांसने से छिले गले की खुरदराहट में आराम दे सकता है।
- यह परत चढ़ाकर राहत देती है, तकलीफ़ की असल वजह का इलाज नहीं करती।
⚠️ सावधानियाँ
- ऊपर बताई दो हफ़्ते की हद असली है, कोई औपचारिकता नहीं।
- हाई ब्लड प्रेशर, दिल या गुर्दे की बीमारी, पेशाब बढ़ाने वाली दवा, या गर्भावस्था में मुलेठी बिल्कुल नहीं।
- गले में दर्द सिर्फ़ एक तरफ़ हो, निगलने में दिक्कत हो, या शरीर पर चकत्ते निकल आएँ, तो चाय लंबी करने के बजाय डॉक्टर को दिखाएँ।
- बाज़ार की मीठी लिकोरिस टॉफ़ी शक्कर से बनी चीज़ है, सूखी मुलेठी की जगह नहीं ले सकती।
