खांसी और गले के दर्द के लिए लौंग
गले में दर्द हो तो लौंग मिनटों में सुन्न कर देती है। यह असर क्या है, और कहाँ जाकर रुक जाता है।
8 अगस्त 2026 · 3 मिनट पढ़ें🌰 गले के दर्द का सबसे पुराना नुस्ख़ा
गले के जिस हिस्से में दर्द हो, वहाँ एक लौंग दबा लीजिए। रसोई की कोई और चीज़ इतनी जल्दी असर नहीं दिखाती। और यह असर होता क्यों है, यह जान लेना उतना ही ज़रूरी है।
🌱 क्या-क्या पड़ता है, और क्यों
- लौंग: इसका यूजीनॉल जहाँ छूता है, वहाँ की नसें कुछ देर सुन्न कर देता है।
- काली मिर्च: गरम काढ़े वाले तरीक़े में तीखापन देती है।
- शहद: उतरते वक़्त गले पर परत सी छोड़ जाता है।
🌿 सामग्री
- 1–2 साबुत लौंग, चूसने के लिए
- गरम काढ़े के लिए: 2 लौंग, 3–4 काली मिर्च, 1 कप पानी
- 1 चम्मच शहद (वैकल्पिक)
🥄 इस्तेमाल का तरीक़ा
- जल्दी वाला तरीक़ा: एक साबुत लौंग दर्द वाली जगह पर टिकाकर रखें, चबाकर टुकड़े न करें।
- गरम वाला तरीक़ा: 2 लौंग और काली मिर्च कूटकर 1 कप पानी में 5 मिनट उबालें।
- छानकर गुनगुना करें, चाहें तो शहद मिला लें।
- धीरे-धीरे पिएँ, या एक घूँट से गरारा करके निगल लें।
🍵 मात्रा
- बड़े: दिन भर में ज़्यादा से ज़्यादा 2–3 लौंग; शाम को एक कप काढ़ा।
- 5 साल से बड़े बच्चे: सिर्फ़ पतला किया हुआ काढ़ा, चूसने के लिए खुली लौंग कभी नहीं।
🕒 कब लें
- जैसे ही गले के किसी एक हिस्से में चुभन शुरू हो।
- रात को, जब दर्द की वजह से नींद न आ रही हो।
🦷 सुन्न करना, ठीक करना नहीं
लौंग से मिलने वाला आराम असली है, और इसे समझ लेना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इससे इसकी हद भी साफ़ हो जाती है। लौंग की ख़ुशबू वाला तत्व यूजीनॉल एक लोकल एनेस्थेटिक की तरह काम करता है। दाँत के डॉक्टरों के पास यह नाम पड़ने से पहले से रही है। गले के छिले हिस्से पर टिकी लौंग वहाँ की नसों को सुस्त कर देती है और दर्द कुछ देर के लिए कम लगने लगता है। लेकिन दर्द की जो वजह है, उस पर लौंग का कोई असर नहीं पड़ता। न यह सर्दी छोटी करती है, न किसी संक्रमण को ख़त्म करती है। रात दो बजे इतना आराम भी बहुत है, बस इसे ठीक हो जाना न समझें।
✅ यह क्या कर सकता है
- गले का दर्द जल्दी कम कर सकता है, और कई बार नींद आने-न-आने का फ़र्क़ इतना ही होता है।
- असर तेज़ है और थोड़ी देर का; यह सुबह तक का सहारा है, कोई इलाज नहीं।
⚠️ सावधानियाँ
- लौंग का तेल साबुत लौंग से कहीं ज़्यादा तेज़ होता है। बच्चों को नहीं देना है, और मुँह के अंदर बिना पतला किए कभी नहीं लगाना।
- छोटे बच्चों के गले में खुली लौंग अटक सकती है, उन्हें सिर्फ़ पतला काढ़ा दें।
- अगर लौंग हटाते ही दर्द हर बार लौट आए, तो बार-बार सुन्न करने के बजाय गला दिखा लेना चाहिए।
- गर्भावस्था में औषधीय मात्रा में लौंग डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
